जिस प्रकार सूर्य अकेला ही अपनी किरणों से समस्त संसार को प्रकाशित कर देता है, उसी प्रकार एक ही वीर अपनी शूरता और पराक्रम से सारी पृथ्वी को अपने पैरों तले कर लेता है। - भर्तहरि